by A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada
यह एक बहु-खंडीय शास्त्र है जिसमें सृष्टि, अवतारों और भक्ति का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। यह ग्रंथ सिखाता है कि भगवान के प्रति शुद्ध प्रेम ही जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है। इसमें गहन दार्शनिक और आध्यात्मिक शिक्षाएँ समाहित हैं।