by A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada
यह पुस्तक आध्यात्मिक ज्ञान का एक प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण है, जिसमें यह समझाया गया है कि आत्मा का वास्तविक स्वरूप शरीर और मन से परे है। ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के उपदेशों के माध्यम से यह बताया गया है कि हमारी वास्तविक पहचान आत्मा में है, जो नित्य, ज्ञानमय और आनंदमय है।
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